Rogi ka vakya banao

अवसाद के रोगी भीतर से हमेशा बेचैन प्रतीत होते हैं तथा हमेशा चिन्ता में डूबे हुए दिखाई देते हैं।

इसके बाद रोगी की हालत बिगड़ जाती है।

कोरोना वायरस होने पर रोगी को दस्त भी लग जाते हैं।

प्लाज्मा थेरेपी में कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके व्यक्तियों के खून से प्लाज्मा निकालकर दूसरे कोरोना वायरस संक्रमित रोगी को चढ़ाया जाता है।

हाई बीपी की समस्या होने से आपको गुस्सा अधिक आता है और आप दिल के रोगी भी हो सकते हैं।

जानवर के काटने के तुरंत बाद रोगी को किसी अच्छे जानकार डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए।

इसके रोजाना सेवन से गठिया के रोगी को काफी फायदा होता है।

दमा के रोगी को सांस लेने से ज़्यादा सांस छोड़ने में मुश्किल होती है।

जानवर के काटने के तुरंत बाद रोगी को टिटेनस का इन्जेक्शन लगवाना चाहिए।

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