Rog ka vakya banao

पानी में भिगोए हुए किशमिश खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

आमतौर पर थायरॉइड रोग का कारण थायरॉइड हार्मोन में आई गड़बड़ी के कारण होती है।

इस महीने में रोग पैदा करने वाले कीटाणु और वायरस अधिक एक्टिव रहते हैं।

गर्म कपड़ों से बॉडी की नमी चली जाती है जिससे त्वचा रोग बढ़ते हैं।




यदि किसी दुर्घटना के दौरान व्यक्ति के सिर पर चोट लगी हो तब भी उसे भूलने का रोग हो सकता है।

मसूड़ों के रोग के लिए भी इसे बेहतरीन औषधि के रूप में जाना जाता है।

ये बैक्‍टीरियल रोग दस्‍त और डिहाइड्रेशन का कारण बनता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारी मात्रा में शराब पीने वाले लोगों की रोग प्रतिरोधी क्षमता कम हो जाती है।

बड़े-बुर्जुगों को मानना है कि नहाने से शरीर में रोग नहीं होते है।

आंत से सम्बंधित रोग जैसे अल्सर या आंत में सुजन होने पर गैस का फार्मेशन ज्यादा होता है।

डायबिटीज रोग होने पर भी गैस ज्यादा बनती है।

अगर आपको ज्यादा गैस बनती है तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें क्योंकि गैस की वजह से आपको पेट संबंधी कई रोग हो सकते हैं।

आंवला में विटामिन सी होता है जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है जिससे हमारा शरीर बीमारियों और वायरस से बचा रहता है।

इन किरणों में कई तरह के रोग नष्ट करने की क्षमता होती है।

इस उपाय से कमजोर दिल और दिल के रोग के इलाज में सहायता मिलती है।

इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।



इसमें विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।

इससे खाने से खून में ग्लूकोज जमने लगता है जिससे गठिया तथा दिल संबंधी रोग हो जाते है

कोरोना वायरस बीमारी से बचने के लिए हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना बहुत आवश्यक है।

यह रोग साल्मोनेला टाइफी नाम बैक्टीरिया से होता है।

शरीर को रोग प्रतिरोधी बनाता है।

इसलिए ही इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और आप बीमार होने से बचे रहते हैं।

गलसुआ एक संक्रामक रोग है।

इससे किसी भी तरह के हृदय संबंधी रोग दूर रहते हैं।

ज्यादा से ज्यादा समय प्रकृति के पास रहने वाले लोगों में फेफड़े के रोग कम होते हैं।

इस रोग में जबड़े में सूजन दिखाई देती है।

इसके सेवन से कोरोनरी हृदय रोग और उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर का खतरा भी कम होता है।

इसके फल से निकलने वाला रस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है।

इसके अलावा इससे पीलिया रोग में बहुत लाभ होता है।

इसकी कमी होने से रतौंधी रोग हो जाता है जिससे आंखों की रोशनी भी कम हो जाती है।

इस रोग से प्रभावित मरीज कितना भी सो ले लेकिन उसे ऐसा लगता हैजैसे वह सोया ही नहीं है।

इन सब चीजों से आप अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकेंगे।

इंसुलनि की असंतुलित मात्रा की वजह से मोटापा और हृदय से जुड़े रोग होने की सम्‍भावना रहती है।

अगर आप रोजाना मटके का पानी पीते हैं तो आपके अंदर रोग प्रतिरोधक की क्षमता बढ़ेगी।

इस रोग के लक्षण बहुत बाद में दिखते हैं।

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