Mausam ka vakya banao

इस मौसम में खीरे खरबूजे और तरबूज के सेवन से भी पानी की कमी दूर होती है।

गर्मी के मौसम में हमें कई तरह की बीमारियां घेर लेती हैं।

डेंगू मलेरिया और चिकुनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियां मौसम बदलते ही अपने पैर पसारने लगती हैं।

इस बदलते मौसम में आपको जुकाम और नाक बहने की समस्या होने लगती है।

इस मौसम में लोग देर तक धूप का आनंद लेते हैं।

बरसात के मौसम में कीटाणु और सूक्ष्मजीव की संख्या तेजी से बढ़ने लगती है।

घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें मानसून के मौसम में कई तरह के संक्रमण और वायरस घूमते हैं जो हवा के

माध्यम से आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

आइए जानते हैं आखिर कैसे बारिश के मौसम में अपने घर को सीलन और फंगस से रखें दूर।

गर्मी के मौसम में अक्सर कई लोगों को पैरों में जलन की समस्या हो जाती है।

फालसा गर्मी के मौसम में लू लगने और उससे होने वाले बुखार से बचने का कारगर इलाज है।

ये फल गर्मियों के मौसम में होने वाले सीजनल इंफेक्शन से भी आपको बचाता है।

गर्मी का मौसम आते ही लू लगना आम बात होती है।

सर्दी के मौसम में खांसी-जुकाम वायरल बुखार और इम्यूनिटी कमजोर होने जैसी चीजें होती हैं।

सर्दी के मौसम में बहती या फिर बंद नाक आम होती है।

हो सके तो आप इसका सेवन सर्दी के मौसम में ही किया करें।

इस मौसम के आते ही गर्मी से छुटकारा मिल जाता है।

हमारे यहां हर मौसम के अनुसार और कई वैरायटी की चाय मिलती है।

इस मौसम में खान-पान का विशेष ध्‍यान रखना जरुरी होता है।

ठंड के मौसम में ये फल शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है।

सर्दियों के मौसम में तो पूरे देशभर में सरसो के साग को बड़े चाव के साथ खाया जाता है।

लोग बरसात और सुहाने मौसम का आनंद लेने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देते हैं।

लेकिन ये मौसम अस्‍थमा मरीजों के लिए दमे के अटैक का खतरा बढ़ा देता है।

ये मौसम अस्‍थमा के मरीजों के लिए भी समस्‍याएं बढ़ा देता है।

सर्दियों के मौसम में इसे खाने के बेहद लाभ होते है।

मौसम के बदलने पर कुछ लोगों को यह फीवर अपनी चपेट में ले लेता है।

यह मौसम अपने साथ बैक्टीरिया और कीड़े लेकर आता है जिससे कई तरह के इंफेक्शन होने का खतरा बना रहता है।

बार‍िश के इस बदलते मौसम के साथ के साथ वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन भी बढ़ जाते हैं।

बरसात के मौसम में इनकी दिक्कतें बढ़ जाती हैं।

ठंड के मौसम में सिंघाड़ा काफी मात्रा में मिलता है।

ये मौसम ना ज्यादा गर्मी का होता है और ना सर्दी का।

बरसात के मौसम में ऐसी घटनाएं ज्‍यादा सुनने को मिलती है।

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